“बिहार रैली में मां पर अपशब्द सुनकर भावुक हुए PM मोदी: बोले, ‘भद्दी गाली बर्दाश्त नहीं'”

 

बिहार के दरभंगा में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस-आरजेडी के मंच से पीएम मोदी की मां का अपमान किया गया था. उनको अपशब्द कहे गए थे. इसे लेकर पीएम मोदी  ने दोनों दलों को जमकर लताड़ लगाई है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार राज्य जीविका निधि क्रेडिट को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी इस मुद्दे को उठाते हुए भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि मां के आशीर्वाद से ही मैं देश की सेवा कर रहा हूं. हर मां चाहती है कि उसका बेटा उसकी सेवा करे. लेकिन मेरी मां ने खुद के लिए नहीं आप जैसी करोड़ों माताओं और बहनों की सेवा के लिए मुझे खुद से अलग करके जाने की इजाजत दी. ऐसी मां को भद्दी गालियां दी गईं.

पीएम मोदी ने कहा कि मेरी का शरीर तो अब इस दुनिया में नहीं है. कुछ समय पहले 100 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था. मेरी मां का राजनीति से कोई लेना देना नहीं था. उस मां को कांग्रेस-आरजेडी के मंच से गद्दी गालियां दी गईं. इसे देखकर कुछ माता-बहनों को बहुत दर्द हुआ. यह बहुत ही दुख, कष्ट और पीड़ा देने वाला है. उस मां का क्या गुनाह है, जिसको भद्दी गालियां सुनाई गईं. मेरी मां को गाली देना बिहार का अपमान है.

सिर्फ मेरी मां का नहीं, देश की मां-बहन-बेटी का भी अपमान

पीएम मोदी ने कहा कि मेरी मां का सम्मान बिहार की पहचान है. मेरी मां को गाली देना बिहार का अपमान है. पीएम ने कहा कि मां ही तो हमारा संसार होती है, हमारा स्वाभिमान होती है.इस समृद्ध परंपरा वाले बिहार में कुछ दिनों पहले जो हुआ, उसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी. बिहार में आरजेडी-कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गालियां दी गईं. ये गालियां सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं है. ये देश की मां-बहन-बेटी का अपमान है. बिहार की हर मां को ये देख-सुनकर कितना बुरा लगा होगा, ये मुझे पता है. मैं जानता हूं कि इसकी जितनी पीड़ा मेरे दिल में है, उतनी ही तकलीफ मेरे बिहार के लोगों को भी है.

पीएम मोदी ने कहा कि हर मां अपने बच्चों को बहुत तपस्या करके पालती है.बच्चों से बड़ा मां के लिए कुछ नहीं होता है. मैंने भी बचपन से अपनी मां को ऐसे ही देखा. उन्होंने बहुत गरीबी में और तकलीफों को सहकर अपने परिवार को हम सब भाई बहनों को पाला. बारिश का मौसम आने से पहले मां इस कोशिश में जुट जाती थी कि छत न टपके. उसके बच्चे चैन से सो सकें. वह बीमार होती थी तो भी पता नहीं चलने देती थी. वह काम करती रहती थी. वह जानती थी कि अगर उसने एक दिन भी आराम किया तो हम बच्चों को दुख सहना पड़ेगा. कठिनाइयों का पता वह मेरे पिताजी को भी नहीं लगने देती थी. वह खुद के लिए कोई नई साड़ी तक नहीं खरीदती थी. वह एक-एक पाई जमा करती थी ताकि बच्चों के लिए एक जोड़ कपड़ा बनवा सके. देश की करोड़ों मां ऐसे ही बच्चों को पालती हैं.

शाही खानदानों में पैदा हुए युवराज गरीब मां की पीड़ा नहीं समझ सकते

एक गरीब मां जीवन भर तप करके अपने बच्चों को शिक्षा और संस्कार देती है. इसीलिए मां का स्थान देवी-देवताओं से भी ऊपर माना जाता है. बिहार में भी मां का दर्जा देवता और पितरों से ऊपर माना जाता है. कांग्रेस-आरजेडी के मंच से भद्दी गाली मेरी मां को ही नहीं बल्कि ये करोड़ों माताओं को दी गई है. एक गरीब मां की तपस्या और एक बेटे की पीड़ा ये शाही खानदानों में पैदा हुए युवराज नहीं समझ सकते. ये लोग सोने-चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं. बता दें कि पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार राज्य जीविका निधि क्रेडिट को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने ग्रामीण महिला उद्यमियों के खातों में 105 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बिहार के दरभंगा में कांग्रेस-आरजेडी के मंच से किए गए उनकी मां के अपमान का मुद्दा उठाया.

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